Insights from the Jain Digital Technology Foundation episode “आओ पाठशाला चले | छोटे-छोटे बच्चे हैं | Jain Digital Pathshala Song - 57”, published July 11, 2026.
In "आओ पाठशाला चले | छोटे-छोटे बच्चे हैं | Jain Digital Pathshala Song - 57" (Jain Digital Technology Foundation, July 2026), यह एपिसोड बच्चों को जैन धर्म के मूल नैतिक सिद्धांतों और शिक्षाओं से परिचित कराता है। यह पांच पापों और चार कषायों से बचने की सीख देता है।
In "आओ पाठशाला चले | छोटे-छोटे बच्चे हैं | Jain Digital Pathshala Song - 57", जैन धर्म में इन पांचों का त्याग करना सबसे पहली प्राथमिकता है ताकि आत्मा शुद्ध बनी रहे और बुरे कर्मों का बंधन न हो।
In "आओ पाठशाला चले | छोटे-छोटे बच्चे हैं | Jain Digital Pathshala Song - 57", ये वे चार दोष हैं जो आत्मा को सांसारिक दुखों में बांधते हैं, इसलिए बच्चों को बचपन से ही इन पर नियंत्रण रखना सिखाया जाना चाहिए।
In "आओ पाठशाला चले | छोटे-छोटे बच्चे हैं | Jain Digital Pathshala Song - 57", पांच पापों (हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील, परिग्रह) से दूरी बनाना अनिवार्य है। यह नरक के दुखों और बुरे कर्मों से बचने का एकमात्र तरीका है।
यह एपिसोड बच्चों को जैन धर्म के मूल नैतिक सिद्धांतों और शिक्षाओं से परिचित कराता है। यह पांच पापों और चार कषायों से बचने की सीख देता है।
Topics: नैतिक शिक्षा
Genres: Education, Culture & Society